Posts

बच्चों की उच्च शिक्षा (Higher Education) के बढ़ते खर्च से कैसे निपटें ?

Image
  बच्चे अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त करें , ये हर माता – पिता का सपना होता है। परन्तु जब दिनों-दिन बढ़ते हुए उच्च शिक्षा ( Higher Education )   पर होने वाले खर्च की ओर देखते हैं तो सोचने को बाध्य हो जाते हैं कि कैसे इस दायित्व (Responsibility) को निभाया जाये। दरअसल जिस तेज़ी से ये खर्च बढ़ रहा है , उस तेज़ी से न तो हमारी कमाई (Income) बढ़ती है, और न ही हमारी जमा पूँजी (Savings) । और इसलिए बच्चा जैसे जैसे कक्षाओं में आगे बढ़ता जाता है , वैसे वैसे चिंता बढ़ती जाती है। इस लक्ष्य को पाने के लिए हम निवेश तो करते जाते हैं, पर कई बार ऐसा भी हो जाता है कि अंतत: मिली रकम (Maturity Value/ Grown Fund Value) पर्याप्त नहीं होती है। कई बार, कुछ वर्षों पूर्व ये एहसास भी हो जाता है कि हमारे अनुमान और यथार्थ में काफी अंतर आ सकता है, परन्तु उस समय पर, न ही इतना समय होता है, और न ही इतना पैसा होता है कि इस अंतर को पाटा ( Bridging the Gap) जा सके। इस लेख / ब्लॉग ( Blog) में हम इन्हीं तथ्यों पर विस्त्रत चर्चा करेंगे - यह पूंजीकोष ( Corpus) अन्य पूंजीकोषो से अलग क्यों है – सर्वप्रथ...

रिटायर (Retire)/ सेवा निवृत होने पर पर्याप्त लगने वाली आय कुछ ही वर्षों में कम क्यों पड़ने लगती है, इससे कैसे बचें?

Image
  एक लम्बी  नौकरी के बाद हर माह वेतन पाने की हमारी एक आदत सी हो जाती है, और इसलिए सेवा निवृती ( Retirement) के बाद भी हम कुछ इसी तरह के प्रबंध में संतुष्ट होते हैं। फिर चाहे वह राशि हमारे वेतन से बहुत कम ही क्यो न हो। इस तरह की अपेक्षा के कारण , हम हमारे पूंजीकोष ( Corpus) का भी कुछ इस तरह से निवेश करते हैं , कि हर माह एक निश्चित राशि ( Fixed Fund) हमारे बैंक खाते मे आती रहे। परिणामस्वरूप, एक निश्चित राशि तो बैंक खाते मे आती रहती है, परन्तु हमारा खर्च पाँव पसारता रहता है , और कुछ वर्षों बाद ये राशि कम पड़ने लगती है।  दरअसल , हम इस बात को शायद नज़रअंदाज़ कर जाते हैं कि हमारे वेतन में हर वर्ष एक वेतन वृद्धि (Increment) होती रहती थी इसलिए मंहगाई का असर निष्क्रिय हो जाता था। परन्तु ये विशेषता इस निश्चित राशि में नहीं है , और इसलिए ये निश्चित राशि हमारे वेतन का पर्याय (Alternative) नहीं हो सकती है , जब तक कि इसमें मंहगाई को निष्क्रिय करने प्रावधान सम्मलित न किया जाए। इस प्रावधान की अनुपस्थिति में , शुरुआत में लगने वाली धन की पर्याप्तता , कुछ ही वर्षों में अपर्याप्तता मे...

आपके निवेश के रिटर्न्स (Returns) आपके अनुमान (Anticipation) से कम क्यों आते है?

Image
  अक्सर लोगों की ये शिकायत होती है कि किसी निवेश से उन्होंने जिस लाभ की अपेक्षा की थी वास्तविक लाभ (Real Profit) उसे कम आया है। परन्तु वे इसका दोष , सही विकल्प (Option) के चुनाव की जगह , उस निवेश के प्रदर्शन पर ही थोप देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि हर एक निवेश के विकल्प की अपनी एक प्रकृति (Nature/ Character) होती है और अगर निवेश उसकी प्रकृति को समझे बिना किया जाएगा तो आपके अनुमान के गलत होने की संभावना बढ़ जाती है। दुर्भाग्यवश इस बात का एहसास अंतिम घड़ी (Last Moment) पर होता है और तब कुछ कर नहीं पाते हैं , सिवाय दोषारोपण के। आइए इस विषय पर विस्त्रत चर्चा करते हैं – किसी भी निवेश पर आय या लाभ की वृद्धि के लिए दो मुख्य कारक (Factors) होते हैं – मंहगाई (Inflation) और विकास (Growth/ Development), और इनके मिले जुले   प्रभाव से हमारे निवेश का आकार बढ़ता   रहता है। अब अगर निवेश केवल ऋण सम्बंधित विकल्पों (Debt Related Options) में करते हैं तो वह केवल मंहगाई से प्रभावित होता है  ( हालाकि मंहगाई भी विकास से संबद्ध होती है )  जबकि अन्य विकल्पों में दोनो...